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mahabharat 7.153.16-17h: महामनस्वी दुर्योधन से पराजित होकर पांचाल सैनिक इधर-उधर भागने लगे। अब वे भागने में उत्साह दिखा रहे थे। शत्रुओं को परास्त करने में उनमें कोई उत्साह नहीं रह गया था।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  7.153.16-17h 
पलायनकृतोत्साहा निरुत्साहा द्विषज्जये॥ १६॥
पर्यधावन्त पञ्चाला वध्यमाना महात्मना।
 
 
अनुवाद
महामनस्वी दुर्योधन से पराजित होकर पांचाल सैनिक इधर-उधर भागने लगे। अब वे भागने में उत्साह दिखा रहे थे। शत्रुओं को परास्त करने में उनमें कोई उत्साह नहीं रह गया था।
 
After being beaten by the great-minded Duryodhan, the Panchal soldiers started running here and there. Now they were showing enthusiasm in fleeing. They had no enthusiasm left in defeating the enemies. 16 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)