Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.153.13: आपका पुत्र रथ की गड़गड़ाहट से दिशाओं को प्रतिध्वनित करता हुआ तथा पृथ्वी को कंपाता हुआ पाण्डव सेना के समक्ष प्रकट हुआ।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.153.13 
नादयन् रथघोषेण कम्पयन्निव मेदिनीम्।
अभ्यवर्तत पुत्रस्ते पाण्डवानामनीकिनीम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
आपका पुत्र रथ की गड़गड़ाहट से दिशाओं को प्रतिध्वनित करता हुआ तथा पृथ्वी को कंपाता हुआ पाण्डव सेना के समक्ष प्रकट हुआ।
 
Echoing the directions with the rumbling of his chariot and shaking the earth, your son appeared before the Pandava army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)