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mahabharat 7.153.12: सिन्धुराज के वध से वह अत्यन्त दुःखी हुआ, अतः मरने का निश्चय करके वह शत्रु सेना में घुस गया॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.153.12 
सैन्धवस्य वधेनैव भृशं दु:खसमन्वित:।
मर्तव्यमिति संचिन्त्य प्राविशच्च द्विषद्‍बलम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
सिन्धुराज के वध से वह अत्यन्त दुःखी हुआ, अतः मरने का निश्चय करके वह शत्रु सेना में घुस गया॥12॥
 
He was very saddened by the killing of Sindhuraj. So, determined to die, he entered the enemy's army.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)