श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  7.152.d1 
(रक्षामि सैन्धवं युद्धे नैनं प्राप्स्यति फाल्गुन:।
मम सैन्यविनाशाय रुद्धो विप्रेण सैन्धव:॥
 
 
अनुवाद
‘मैं युद्ध में सिन्धुराज की रक्षा करूँगा; अर्जुन उसे प्राप्त नहीं कर सकेगा’, ऐसा कहकर इस ब्राह्मण ने सिन्धुराज को मेरी सेना का विनाश करने से रोक दिया।
 
Saying, 'I will protect Sindhuraj in the war; Arjuna will not be able to get him', this Brahmin stopped Sindhuraj from destroying my army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)