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mahabharat 7.152.34: परन्तु उन अल्पमतों ने तुम बहुसंख्य योद्धाओं को दुर्बल कर दिया। मैं समझता हूँ कि यह ईश्वर का ही कार्य है, जिसने तुम्हारे प्रयत्नों को नष्ट कर दिया है ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 7.152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.152.34 
तैरल्पैर्बहवो यूयं क्षयं नीता: प्रहारिण:।
शङ्के दैवस्य तत् कर्म पौरुषं येन नाशितम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
परन्तु उन अल्पमतों ने तुम बहुसंख्य योद्धाओं को दुर्बल कर दिया। मैं समझता हूँ कि यह ईश्वर का ही कार्य है, जिसने तुम्हारे प्रयत्नों को नष्ट कर दिया है ॥34॥
 
However, those minorities weakened the majority of you warriors. I think it is the work of God who has destroyed your efforts. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)