Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.152.31: हे कौरवों में श्रेष्ठ! मैं पाण्डवों द्वारा बुद्धिपूर्वक किया गया कोई भी अच्छा कार्य या आपके द्वारा मूर्खतापूर्वक किया गया कोई भी बुरा कार्य नहीं देख सकता हूँ॥31॥ | mahabharat अध्याय 7.152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न तेषां मतिपूर्वं हि सुकृतं दृश्यते क्वचित्।
दुष्कृतं तव वा वीर बुद्धॺा हीनं कुरूद्वह॥ ३१॥
अनुवाद
हे कौरवों में श्रेष्ठ! मैं पाण्डवों द्वारा बुद्धिपूर्वक किया गया कोई भी अच्छा कार्य या आपके द्वारा मूर्खतापूर्वक किया गया कोई भी बुरा कार्य नहीं देख सकता हूँ॥31॥
O bravest of the Kurus! I cannot see any good deed done by the Pandavas wisely, or any evil deed done by you foolishly. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥