Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.152.23-24h: सुयोधन! मेरा मानना है कि भाग्य के नियमों में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता; क्योंकि हम अपनी पूरी शक्ति से लड़ रहे थे, फिर भी सिंधुराज युद्धभूमि में मारा गया। इस मामले में भाग्य को सबसे महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। 23 1/2। | mahabharat अध्याय 7.152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुयोधन! मेरा मानना है कि भाग्य के नियमों में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता; क्योंकि हम अपनी पूरी शक्ति से लड़ रहे थे, फिर भी सिंधुराज युद्धभूमि में मारा गया। इस मामले में भाग्य को सबसे महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। 23 1/2।
Suyodhana! I believe that there can be no change in the laws of destiny; because we were fighting with all our might, yet Sindhuraj was killed on the battlefield. In this matter, destiny is considered to be the most important factor. 23 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥