Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.152.20: हे राजन! हे पुरुषों के स्वामी! आचार्य द्रोण अब वृद्ध हो गए हैं। वे तेजी से चलने में असमर्थ हैं। उनकी भुजाओं से कोई भी प्रयास करने के लिए उनकी शक्ति अब पर्याप्त नहीं रही।   |   mahabharat अध्याय 7.152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.152.20 
आचार्य: स्थविरो राजन् शीघ्रयाने तथाक्षम:।
बाहुव्यायामचेष्टायामशक्तस्तु नराधिप॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे पुरुषों के स्वामी! आचार्य द्रोण अब वृद्ध हो गए हैं। वे तेजी से चलने में असमर्थ हैं। उनकी भुजाओं से कोई भी प्रयास करने के लिए उनकी शक्ति अब पर्याप्त नहीं रही।
 
O King! O lord of men! Acharya Drona has grown old now. He is unable to walk quickly. His strength is no longer sufficient for any effort made with his arms.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)