श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 152: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत तथा पुन: युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.152.1 
संजय उवाच
ततो दुर्योधनो राजा द्रोणेनैवं प्रचोदित:।
अमर्षवशमापन्नो युद्धायैव मनो दधे॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! तत्पश्चात् द्रोणाचार्य की इस प्रकार प्रेरणा पाकर राजा दुर्योधन ने क्रोध में भरकर मन ही मन युद्ध करने का निश्चय किया।
 
Sanjaya says: O King! Thereafter, inspired by Dronacharya in this manner, King Duryodhana, filled with resentment, decided in his mind to fight the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)