Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.151.30: हे पृथ्वी के स्वामी! यदि महाबली कृपाचार्य जीवित हैं और उन्होंने राजा सिन्धु के मार्ग का अनुसरण नहीं किया है, तो मैं उनके बल और सौभाग्य की प्रशंसा करता हूँ ॥30॥ | mahabharat अध्याय 7.151: द्रोणाचार्यका दुर्योधनको उत्तर और युद्धके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृप एव च दुर्धर्षो यदि जीवति पार्थिव।
यो नागात् सिन्धुराजस्य वर्त्म तं पूजयाम्यहम्॥ ३०॥
अनुवाद
हे पृथ्वी के स्वामी! यदि महाबली कृपाचार्य जीवित हैं और उन्होंने राजा सिन्धु के मार्ग का अनुसरण नहीं किया है, तो मैं उनके बल और सौभाग्य की प्रशंसा करता हूँ ॥30॥
O Lord of the Earth! If the mighty warrior Kripacharya is alive, and has not followed the path of King Sindhu, then I praise his strength and good fortune. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥