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mahabharat 7.151.17: और तो और, तूने छलपूर्वक पाण्डवों को जुए में हराकर उन्हें मृगचर्म के वस्त्र पहनाकर वनवास में भेज दिया (इस पाप का फल भी तुझे भोगना पड़ेगा)॥17॥   |   mahabharat अध्याय 7.151: द्रोणाचार्यका दुर्योधनको उत्तर और युद्धके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 151: द्रोणाचार्यका दुर्योधनको उत्तर और युद्धके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.151.17 
यच्च तान् पाण्डवान् द्यूते विषमेण विजित्य ह।
प्राव्राजयस्तदारण्ये रौरवाजिनवासस:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
और तो और, तूने छलपूर्वक पाण्डवों को जुए में हराकर उन्हें मृगचर्म के वस्त्र पहनाकर वनवास में भेज दिया (इस पाप का फल भी तुझे भोगना पड़ेगा)॥17॥
 
Moreover, you defeated the Pandavas in gambling by fraud and after dressing them in deerskin clothes, you sent them into exile (you will have to suffer the consequences of this sin as well).॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)