Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.150.33: जो अपने को मेरे परम मित्र कहते हैं, उन्होंने भी उसी प्रकार मुझ लोभी, पापी और दुष्ट मनुष्य का काम बिगाड़ दिया है, जो लोभ से धन (राज्य) चाहता था॥33॥ | mahabharat अध्याय 7.150: व्याकुल हुए दुर्योधनका खेद प्रकट करते हुए द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो अपने को मेरे परम मित्र कहते हैं, उन्होंने भी उसी प्रकार मुझ लोभी, पापी और दुष्ट मनुष्य का काम बिगाड़ दिया है, जो लोभ से धन (राज्य) चाहता था॥33॥
Those who call themselves my best friends have in the same way ruined the work of me, a greedy, sinful and wicked person, who wanted wealth (kingdom) out of greed. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥