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mahabharat 7.150.12: दुर्योधन ने कहा—आचार्य! उन राजाओं का यह महान संहार देखिये, जो विधिपूर्वक राज्याभिषेक किये गये थे। मेरे पराक्रमी पितामह भीष्म से लेकर अब तक कितने ही राजा मारे जा चुके हैं॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.150: व्याकुल हुए दुर्योधनका खेद प्रकट करते हुए द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 150: व्याकुल हुए दुर्योधनका खेद प्रकट करते हुए द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.150.12 
दुर्योधन उवाच
पश्य मूर्धाभिषिक्तानामाचार्य कदनं महत्।
कृत्वा प्रमुखत: शूरं भीष्मं मम पितामहम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा—आचार्य! उन राजाओं का यह महान संहार देखिये, जो विधिपूर्वक राज्याभिषेक किये गये थे। मेरे पराक्रमी पितामह भीष्म से लेकर अब तक कितने ही राजा मारे जा चुके हैं॥12॥
 
Duryodhan said— Acharya! See this great massacre of those kings who were duly crowned as kings. Starting from my valiant grandfather Bhishma, so many kings have been killed till now.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)