श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 15: शल्यके साथ भीमसेनका युद्ध तथा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.15.3 
न हि मे तृप्तिरस्तीह शृण्वतो युद्धमुत्तमम्।
तस्मादार्तायनेर्युद्धं सौभद्रस्य च शंस मे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इस समय युद्ध की यह अद्भुत कथा सुनकर मैं संतुष्ट नहीं हो रहा हूँ; अतः आप मुझे शल्य और सुभद्रापुत्र के मध्य हुए युद्ध का वृत्तान्त सुनाइये।
 
At this time I am not satisfied with hearing this wonderful tale of war; therefore tell me the tale of the battle between Shalya and Subhadra's son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)