श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 15: शल्यके साथ भीमसेनका युद्ध तथा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.15.27 
आपेततुर्महावेगौ समुच्छ्रितगदावुभौ।
पुनरन्तरमार्गस्थौ मण्डलानि विचेरतु:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों महाबली योद्धा गदाएँ उठाकर एक दूसरे पर आक्रमण करने लगे और फिर वे अन्तःमार्ग पर स्थित होकर परिक्रमा करने लगे॥ 27॥
 
Both those very powerful warriors attacked each other with their maces raised. Then they settled on the inner path and began moving in a circular motion.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)