श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 15: शल्यके साथ भीमसेनका युद्ध तथा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.15.12 
तथा मद्राधिपस्यापि गदावेगं महात्मन:।
सोढुमुत्सहते लोके युधि कोऽन्यो वृकोदरात्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार संसार में भीमसेन के अतिरिक्त ऐसा कौन है जो युद्ध में महाहृदयी मद्रराज शल्य की गदा के बल का सामना कर सके? ॥12॥
 
Similarly, who other than Bhimasena is there in the world who can withstand the force of the mace of the great-hearted Madra king Shalya in the war? ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)