श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 15: शल्यके साथ भीमसेनका युद्ध तथा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.15.11 
न हि मद्राधिपादन्य: सर्वराजसु भारत।
सोढुमुत्सहते वेगं भीमसेनस्य संयुगे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे भरतनाट्यमपुत्र! समस्त राजाओं में मद्रराज शल्य के अतिरिक्त ऐसा कोई नहीं था जो युद्ध में भीमसेन के बल का सामना करने का साहस कर सके।
 
O son of Bharatanatyam! Among all the kings there was no one other than Madraraja Shalya who could have the courage to withstand the force of Bhimasena in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)