Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.149.8: हे श्रीकृष्ण! गोविन्द! आपके द्वारा सौभाग्य से बचाये गये अर्जुन ने पापी जयद्रथ का वध करके मुझे अपार आनन्द दिया है।   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.149.8 
कृष्ण दिष्टॺा मम प्रीतिर्महती प्रतिपादिता।
त्वया गुप्तेन गोविन्द घ्नता पापं जयद्रथम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे श्रीकृष्ण! गोविन्द! आपके द्वारा सौभाग्य से बचाये गये अर्जुन ने पापी जयद्रथ का वध करके मुझे अपार आनन्द दिया है।
 
Sri Krishna! Govind! Arjuna, fortunately saved by you, has given me immense joy by killing the sinful Jayadratha. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)