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mahabharat 7.149.50: हे दूसरों का आदर करने वाले राजा! जिन पर आप क्रोधित हैं, उनका राज्य, जीवन, धन, पुत्र और नाना प्रकार के सुख शीघ्र ही नष्ट हो जाएँगे ॥50॥   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.149.50 
राज्यं प्राणा: श्रिय: पुत्रा: सौख्यानि विविधानि च।
अचिरात् तस्य नश्यन्ति येषां क्रुद्धोऽसि मानद॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
हे दूसरों का आदर करने वाले राजा! जिन पर आप क्रोधित हैं, उनका राज्य, जीवन, धन, पुत्र और नाना प्रकार के सुख शीघ्र ही नष्ट हो जाएँगे ॥50॥
 
O King who gives respect to others! The kingdom, life, wealth, sons and various kinds of happiness of those on whom you are angry will soon be destroyed. ॥ 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)