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mahabharat 7.149.49: शत्रुसूदन पाण्डुनन्दन! जिन पर आप क्रोधित हैं, उनके लिए युद्ध में विजय दुर्लभ है। वे निश्चय ही मृत्यु के वश में हो गए हैं। 49॥   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.149.49 
दुर्लभो विजयस्तेषां संग्रामे रिपुसूदन।
याता मृत्युवशं ते वै येषां क्रुद्धोऽसि पाण्डव॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
शत्रुसूदन पाण्डुनन्दन! जिन पर आप क्रोधित हैं, उनके लिए युद्ध में विजय दुर्लभ है। वे निश्चय ही मृत्यु के वश में हो गए हैं। 49॥
 
Shatrusudan Pandunandan! Victory in battle is rare for those against whom you are angry. They have definitely fallen under the influence of death. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)