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mahabharat 7.149.4-5h: फिर वे अपने कमल के समान तेजस्वी सुन्दर मुख को सहलाते हुए वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण और पाण्डुपुत्र अर्जुन से इस प्रकार बोले- 4 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  7.149.4-5h 
प्रमृज्य वदनं शुभ्रं पुण्डरीकसमप्रभम्॥ ४॥
अब्रवीद् वासुदेवं च पाण्डवं च धनंजयम्।
 
 
अनुवाद
फिर वे अपने कमल के समान तेजस्वी सुन्दर मुख को सहलाते हुए वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण और पाण्डुपुत्र अर्जुन से इस प्रकार बोले- 4 1/2॥
 
Then, caressing his beautiful face as radiant as a lotus, he spoke to Vasudevanandan Shri Krishna and Pandu's son Arjun thus - 4 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)