Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.149.37: हे नरसिंह! तुम्हारे निरन्तर शुभ विचारों से सुरक्षित होकर अर्जुन ने हजारों योद्धाओं का वध किया और फिर जयद्रथ का वध किया।   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  7.149.37 
अयं च पुरुषव्याघ्र त्वदनुध्यानसंवृत:।
हत्वा योधसहस्राणि न्यहन् जिष्णुर्जयद्रथम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
हे नरसिंह! तुम्हारे निरन्तर शुभ विचारों से सुरक्षित होकर अर्जुन ने हजारों योद्धाओं का वध किया और फिर जयद्रथ का वध किया।
 
Lion of men! Protected by the good thoughts which you have constantly been having, Arjuna has killed thousands of warriors and then killed Jayadratha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)