Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.149.3-4h: भरत! भगवान श्रीकृष्ण की यह बात सुनकर शत्रुओं की राजधानी पर विजय प्राप्त करने वाले राजा युधिष्ठिर हर्ष के मारे रथ से कूद पड़े और प्रसन्नता के आँसू बहाते हुए भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन को गले लगा लिया। | mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वेवमुक्त: कृष्णेन हृष्ट: परपुरंजय:।
ततो युधिष्ठिरो राजा रथादाप्लुत्य भारत॥ ३॥
पर्यष्वजत् तदा कृष्णावानन्दाश्रुपरिप्लुत:।
अनुवाद
भरत! भगवान श्रीकृष्ण की यह बात सुनकर शत्रुओं की राजधानी पर विजय प्राप्त करने वाले राजा युधिष्ठिर हर्ष के मारे रथ से कूद पड़े और प्रसन्नता के आँसू बहाते हुए भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन को गले लगा लिया।
Bharata! Upon hearing Lord Krishna say this, King Yudhishthira, who had conquered the capital of his enemies, jumped from his chariot in joy and embraced Lord Krishna and Arjuna, shedding tears of happiness.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥