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mahabharat 7.149.26: हे भोले श्रीकृष्ण! प्राचीन काल के महर्षि मार्कण्डेय आपके चरित्र को जानते हैं। उन महर्षि ने पहले (अपने वनवास के समय) मुझसे आपके प्रभाव और माहात्म्य का वर्णन किया था॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.149.26 
मार्कण्डेय: पुराणर्षिश्चरितज्ञस्तवानघ।
माहात्म्यमनुभावं च पुरा कीर्तितवान् मुनि:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे भोले श्रीकृष्ण! प्राचीन काल के महर्षि मार्कण्डेय आपके चरित्र को जानते हैं। उन महर्षि ने पहले (अपने वनवास के समय) मुझसे आपके प्रभाव और माहात्म्य का वर्णन किया था॥ 26॥
 
Innocent Shri Krishna! The great sage Markandeya of ancient times knows your character. That great sage had earlier (during his exile) described to me your influence and greatness.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)