Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.149.17: महाबाहो! हे पुरुषश्रेष्ठ! पहले यह सम्पूर्ण जगत् समुद्र के जल में डूबा हुआ था और अंधकार में विलीन था। फिर आपकी कृपादृष्टि से इसने अपना वर्तमान स्वरूप प्राप्त किया है॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहो! हे पुरुषश्रेष्ठ! पहले यह सम्पूर्ण जगत् समुद्र के जल में डूबा हुआ था और अंधकार में विलीन था। फिर आपकी कृपादृष्टि से इसने अपना वर्तमान स्वरूप प्राप्त किया है॥ 17॥
‘Mahabaho! O best of men! Earlier this whole world was submerged in the waters of the ocean and merged into darkness. Then due to your kind glance it has attained its present form.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥