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mahabharat 7.149.13-14: श्री कृष्ण! बचपन से ही आपके द्वारा किये गये अनेक दिव्य एवं महान् कार्यों के विषय में सुनकर मुझे निश्चय हो गया है कि मेरे शत्रु मारे गये हैं और मुझे संसार का राज्य प्राप्त हो गया है॥13-14॥   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  7.149.13-14 
बाल्यात् प्रभृति ते कृष्ण कर्माणि श्रुतवानहम्॥ १३॥
अमानुषाणि दिव्यानि महान्ति च बहूनि च।
तदैवाज्ञासिषं शत्रून् हतान् प्राप्तां च मेदिनीम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! बचपन से ही आपके द्वारा किये गये अनेक दिव्य एवं महान् कार्यों के विषय में सुनकर मुझे निश्चय हो गया है कि मेरे शत्रु मारे गये हैं और मुझे संसार का राज्य प्राप्त हो गया है॥13-14॥
 
Sri Krishna! Since I have heard about the many divine and great deeds that you have performed since childhood, I have known for sure that my enemies have been killed and I have attained the kingdom of the world.॥ 13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)