Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.149.11-12h: उपेन्द्र! आप हमें सदैव सब प्रकार से प्रिय हैं और हमारा कल्याण करने में तत्पर रहते हैं। हम आपकी शरण में आकर अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध के लिए तैयार हो गए हैं। जैसे देवतागण इन्द्र की शरण लेकर युद्ध में दैत्यों का संहार करने का प्रयत्न करते हैं।' | mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपेन्द्र! आप हमें सदैव सब प्रकार से प्रिय हैं और हमारा कल्याण करने में तत्पर रहते हैं। हम आपकी शरण में आकर अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध के लिए तैयार हो गए हैं। जैसे देवतागण इन्द्र की शरण लेकर युद्ध में दैत्यों का संहार करने का प्रयत्न करते हैं।'
‘Upendra! You are always dear to us in every way and are engaged in doing good to us. We have taken shelter of you and prepared for war with weapons. Just like the gods take shelter of Indra and try to kill the demons in the war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥