Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.148.9: राधानन्दन! युद्ध में वीर योद्धाओं के लिए दो प्रकार के परिणाम देखे जाते हैं - विजय और पराजय। यदि इन्द्र भी युद्ध करे, तो उसके लिए दोनों परिणाम अनिश्चित हैं (अर्थात् यह निश्चित नहीं है कि कब कोई जीतेगा और कब कोई हारेगा)।॥9॥ | mahabharat अध्याय 7.148: अर्जुनका कर्णको फटकारना और वृषसेनके वधकी प्रतिज्ञा करना, श्रीकृष्णका अर्जुनको बधाई देकर उन्हें रणभूमिका भयानक दृश्य दिखाते हुए युधिष्ठिरके पास ले जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राधानन्दन! युद्ध में वीर योद्धाओं के लिए दो प्रकार के परिणाम देखे जाते हैं - विजय और पराजय। यदि इन्द्र भी युद्ध करे, तो उसके लिए दोनों परिणाम अनिश्चित हैं (अर्थात् यह निश्चित नहीं है कि कब कोई जीतेगा और कब कोई हारेगा)।॥9॥
‘Radhanandan! In war, two types of results are seen for the brave warriors – victory and defeat. Even if Indra fights, both the results are uncertain for him (i.e. it is not certain when someone will win and when someone will lose).॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥