Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.148.56: हे पुरुषश्रेष्ठ! इस पृथ्वी की दशा देखो। इसे देखना कठिन है। यह मृत हाथियों, टूटे हुए रथों और मृत घोड़ों से ढकी हुई है। यहाँ रक्त, चर्बी और मांस के कारण कीचड़ जमा हो गया है। यह रणभूमि रात्रिचर जीवों, कुत्तों, भेड़ियों और भूतों के लिए रमणीय बन गई है। 56. | mahabharat अध्याय 7.148: अर्जुनका कर्णको फटकारना और वृषसेनके वधकी प्रतिज्ञा करना, श्रीकृष्णका अर्जुनको बधाई देकर उन्हें रणभूमिका भयानक दृश्य दिखाते हुए युधिष्ठिरके पास ले जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुरुषश्रेष्ठ! इस पृथ्वी की दशा देखो। इसे देखना कठिन है। यह मृत हाथियों, टूटे हुए रथों और मृत घोड़ों से ढकी हुई है। यहाँ रक्त, चर्बी और मांस के कारण कीचड़ जमा हो गया है। यह रणभूमि रात्रिचर जीवों, कुत्तों, भेड़ियों और भूतों के लिए रमणीय बन गई है। 56.
O best of men! Look at the condition of this earth. It is difficult to look at it. It is covered with dead elephants, wrecked chariots and dead horses. Mud has accumulated here due to blood, fat and flesh. This battlefield has become a delight for night creatures, dogs, wolves and ghosts. 56.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥