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mahabharat 7.148.39: देखो, यह सम्पूर्ण पृथ्वी उन राजाओं के सुवर्णमय पंखयुक्त बाणों, नाना प्रकार के तीक्ष्ण धार वाले अस्त्रों, वाहनों और आयुधों से भरी हुई है। 39.   |   mahabharat अध्याय 7.148: अर्जुनका कर्णको फटकारना और वृषसेनके वधकी प्रतिज्ञा करना, श्रीकृष्णका अर्जुनको बधाई देकर उन्हें रणभूमिका भयानक दृश्य दिखाते हुए युधिष्ठिरके पास ले जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 148: अर्जुनका कर्णको फटकारना और वृषसेनके वधकी प्रतिज्ञा करना, श्रीकृष्णका अर्जुनको बधाई देकर उन्हें रणभूमिका भयानक दृश्य दिखाते हुए युधिष्ठिरके पास ले जाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.148.39 
तेषां शरै: स्वर्णपुङ्खै: शस्त्रैश्च विविधै: शितै:।
वाहनैरायुधैश्चैव सम्पूर्णां पश्य मेदिनीम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
देखो, यह सम्पूर्ण पृथ्वी उन राजाओं के सुवर्णमय पंखयुक्त बाणों, नाना प्रकार के तीक्ष्ण धार वाले अस्त्रों, वाहनों और आयुधों से भरी हुई है। 39.
 
See, this entire earth is filled with those kings' golden-feathered arrows, various kinds of sharp-edged weapons, vehicles and armaments. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)