Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.148.32-33h: तब अर्जुन ने उनके वचनों का उत्तर देते हुए कहा, 'माधव! आपकी कृपा से ही मैं यह वचन पूरा कर सका हूँ; अन्यथा देवताओं के लिए भी यह वचन पूरा करना कठिन था।' | mahabharat अध्याय 7.148: अर्जुनका कर्णको फटकारना और वृषसेनके वधकी प्रतिज्ञा करना, श्रीकृष्णका अर्जुनको बधाई देकर उन्हें रणभूमिका भयानक दृश्य दिखाते हुए युधिष्ठिरके पास ले जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब अर्जुन ने उनके वचनों का उत्तर देते हुए कहा, 'माधव! आपकी कृपा से ही मैं यह वचन पूरा कर सका हूँ; अन्यथा देवताओं के लिए भी यह वचन पूरा करना कठिन था।'
Then Arjuna replied to his words, 'Madhava! It is because of your kindness that I have been able to fulfil this promise; otherwise it was difficult even for the gods to fulfil this promise.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥