Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.148.21-22h: अरे मूर्ख! जब वह तुम्हारे मलिनचित्त और अत्यन्त अभिमानी सहायक को युद्धभूमि में पराजित होते देखेगा, तो मूर्ख दुर्योधन को भी बड़ी ग्लानि होगी।' | mahabharat अध्याय 7.148: अर्जुनका कर्णको फटकारना और वृषसेनके वधकी प्रतिज्ञा करना, श्रीकृष्णका अर्जुनको बधाई देकर उन्हें रणभूमिका भयानक दृश्य दिखाते हुए युधिष्ठिरके पास ले जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वां च मूढाकृतप्रज्ञमतिमानिनमाहवे॥ २१॥
दृष्ट्वा दुर्योधनो मन्दो भृशं तप्स्यति पातितम्।
अनुवाद
अरे मूर्ख! जब वह तुम्हारे मलिनचित्त और अत्यन्त अभिमानी सहायक को युद्धभूमि में पराजित होते देखेगा, तो मूर्ख दुर्योधन को भी बड़ी ग्लानि होगी।'
‘Oh fool! Even the foolish Duryodhana will feel great remorse when he sees your impure minded and extremely arrogant assistant getting defeated on the battlefield. 21 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥