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mahabharat 7.147.9: महाराज! अर्जुन के बाणों से घायल होकर कृपाचार्य मूर्छित होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गये।   |   mahabharat अध्याय 7.147: अर्जुनके बाणोंसे कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, अर्जुनका खेद तथा कर्ण और सात्यकिका युद्ध एवं कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 147: अर्जुनके बाणोंसे कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, अर्जुनका खेद तथा कर्ण और सात्यकिका युद्ध एवं कर्णकी पराजय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.147.9 
अथ शारद्वतो राजन् कौन्तेयशरपीडित:।
अवासीदद् रथोपस्थे मूर्च्छामभिजगाम ह॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! अर्जुन के बाणों से घायल होकर कृपाचार्य मूर्छित होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गये।
 
King! Krupacharya fell unconscious after being struck by Arjun's arrows and sat in the rear part of the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)