Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.147.85: उसमें अनेक अस्त्र-शस्त्र तथा युद्ध के लिए आवश्यक अन्य वस्तुएँ और सामग्रियाँ रखी हुई थीं। जब वह रथ चलता था, तो बादलों की गर्जना के समान गम्भीर ध्वनि उत्पन्न होती थी। दारुक का छोटा भाई उस रथ को सात्यकि के पास ले आया। 85. | mahabharat अध्याय 7.147: अर्जुनके बाणोंसे कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, अर्जुनका खेद तथा कर्ण और सात्यकिका युद्ध एवं कर्णकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसमें अनेक अस्त्र-शस्त्र तथा युद्ध के लिए आवश्यक अन्य वस्तुएँ और सामग्रियाँ रखी हुई थीं। जब वह रथ चलता था, तो बादलों की गर्जना के समान गम्भीर ध्वनि उत्पन्न होती थी। दारुक का छोटा भाई उस रथ को सात्यकि के पास ले आया। 85.
Many weapons and other necessary items and material required for war were kept in it. When that chariot moved, it made a deep sound like the roar of clouds. Daruk's younger brother brought that chariot to Satyaki. 85.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥