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mahabharat 7.147.8: अर्जुन द्वारा छोड़े गए बहुत से बाणों से वे दोनों अत्यन्त घायल हो गए और उन्हें अत्यन्त पीड़ा होने लगी।   |   mahabharat अध्याय 7.147: अर्जुनके बाणोंसे कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, अर्जुनका खेद तथा कर्ण और सात्यकिका युद्ध एवं कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 147: अर्जुनके बाणोंसे कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, अर्जुनका खेद तथा कर्ण और सात्यकिका युद्ध एवं कर्णकी पराजय  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.147.8 
ते चापि भृशमभ्यघ्नन् विशिखा: पार्थचोदिता:।
बहुत्वात् तु परामार्तिं शराणां तावगच्छताम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन द्वारा छोड़े गए बहुत से बाणों से वे दोनों अत्यन्त घायल हो गए और उन्हें अत्यन्त पीड़ा होने लगी।
 
Due to the large number of arrows shot by Arjun, both of them were severely injured by them. They began to experience great pain. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)