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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 147: अर्जुनके बाणोंसे कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, अर्जुनका खेद तथा कर्ण और सात्यकिका युद्ध एवं कर्णकी पराजय  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  7.147.43-44h 
पितामहपुरोगाश्च देवा: सिद्धाश्च तं विदु:॥ ४३॥
तयो: प्रभावमतुलं शृणु युद्धं तु तत् तथा।
 
 
अनुवाद
ब्रह्मा जैसे देवता और सिद्ध पुरुष ही उसे उसके वास्तविक रूप में जान सकते हैं। उन दोनों के प्रभाव की कोई तुलना नहीं है। अच्छा, अब युद्ध की कथा सुनो। 43 1/2।
 
Only gods like Brahma and Siddha Purushas can know him in his true form. There is no comparison between the influence of both of them. Well, now listen to the story of the war. 43 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)