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mahabharat 7.146.67-68h: यह सुनकर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा - ‘प्रभु! ऐसा ही हो।’ तब योग में निपुण और योगी भगवान श्रीकृष्ण ने सूर्य को छिपाने के लिए अंधकार उत्पन्न किया।   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  7.146.67-68h 
एवमस्त्विति बीभत्सु: केशवं प्रत्यभाषत।
ततोऽसृजत् तम: कृष्ण: सूर्यस्यावरणं प्रति॥ ६७॥
योगी योगेन संयुक्तो योगिनामीश्वरो हरि:।
 
 
अनुवाद
यह सुनकर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा - ‘प्रभु! ऐसा ही हो।’ तब योग में निपुण और योगी भगवान श्रीकृष्ण ने सूर्य को छिपाने के लिए अंधकार उत्पन्न किया।
 
Hearing this, Arjun said to Lord Krishna - 'Lord! Let it be so.' Then Lord Krishna, a yogi, adept in yoga and a yogi, created darkness to hide the sun. 67 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)