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mahabharat 7.146.66: हे कुरुश्रेष्ठ! जब ऐसा अवसर आए, तब तुम्हें उस पर आक्रमण करना चाहिए। इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि सूर्य अस्त हो गया है। 66॥   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.146.66 
तत्र छिद्रे प्रहर्तव्यं त्वयास्य कुरुसत्तम।
व्यपेक्षा नैव कर्तव्या गतोऽस्तमिति भास्कर:॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुश्रेष्ठ! जब ऐसा अवसर आए, तब तुम्हें उस पर आक्रमण करना चाहिए। इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि सूर्य अस्त हो गया है। 66॥
 
Kurushrestha! When such an opportunity arises, you must attack him. One should not pay attention to the fact that the Sun has set. 66॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)