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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.146.22 
दीप्तोग्रसम्भृतशर: किरीटी विरराज ह।
वर्षास्विवोदीर्णजल: सेन्द्रधन्वाम्बुदो महान्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
प्रज्वलित और भयंकर बाणों से सुसज्जित, मुकुटधारी अर्जुन वर्षा ऋतु में जल से भरे हुए इन्द्रधनुष से युक्त विशाल बादल के समान सुन्दर दिख रहे थे।
 
Armed with blazing and fearsome arrows, the crown-wearing Arjuna looked as beautiful as a great cloud with a rainbow filled with water during the rainy season.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)