Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.146.125: हे भारत! उस समय हमने समन्तपंचक के बाहर एक महान् तथा आश्चर्यजनक घटना देखी, जिसमें बाण ने उस मस्तक को काट डाला था।   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  7.146.125 
तत: सुमहदाश्चर्यं तत्रापश्याम भारत।
समन्तपञ्चकाद् बाह्यं शिरो यद् व्यहरत् तत:॥ १२५॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! उस समय हमने समन्तपंचक के बाहर एक महान् तथा आश्चर्यजनक घटना देखी, जिसमें बाण ने उस मस्तक को काट डाला था।
 
O Bharata! At that time we witnessed a great and astonishing event outside the Samanta-pancaka where the arrow had taken that head. 125.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)