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mahabharat 7.146.12-13h: तत्पश्चात् अर्जुन के छोड़े हुए अन्य अग्निमय और तेजस्वी बाण प्रिय बंदी के समान वीर योद्धाओं के हृदय में शीघ्र ही प्रवेश कर गए। 12 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  7.146.12-13h 
अथापरे समुत्सृष्टा विशिखास्तिग्मतेजस:॥ १२॥
हृदयान्याशु वीराणां विविशु: प्रियबन्धुवत्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन के छोड़े हुए अन्य अग्निमय और तेजस्वी बाण प्रिय बंदी के समान वीर योद्धाओं के हृदय में शीघ्र ही प्रवेश कर गए। 12 1/2॥
 
Thereafter, the other fiery and brilliant arrows shot by Arjuna quickly entered the hearts of the brave warriors like a beloved captive. 12 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)