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mahabharat 7.146.103: हे मनुष्यों! जब अर्जुन ने अग्नि के समान तेजस्वी उस बाण का निशाना लगाना आरम्भ किया, तब आकाश में उड़ने वाले प्राणियों में महान् कोलाहल मच गया।।103।।   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.146.103 
तस्मिन् संधीयमाने तु शरे ज्वलनतेजसि।
अन्तरिक्षे महानादो भूतानामभवन्नृप॥ १०३॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों! जब अर्जुन ने अग्नि के समान तेजस्वी उस बाण का निशाना लगाना आरम्भ किया, तब आकाश में उड़ने वाले प्राणियों में महान् कोलाहल मच गया।।103।।
 
O lord of men! When Arjuna began aiming that arrow which was as radiant as fire, there was a great uproar amongst the creatures flying in the sky. 103.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)