Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.146.101: वह दिव्य बाण दिव्य आयुधों से अभिमंत्रित था और इंद्र के वज्र के समान चमक रहा था। वह विशाल था और सभी प्रकार के भार वहन करने में सक्षम था। उसकी सदैव सुगंध और मालाओं से पूजा की जाती थी। | mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह दिव्य बाण दिव्य आयुधों से अभिमंत्रित था और इंद्र के वज्र के समान चमक रहा था। वह विशाल था और सभी प्रकार के भार वहन करने में सक्षम था। उसकी सदैव सुगंध और मालाओं से पूजा की जाती थी।
That divine arrow was enchanted with divine weapons and was shining like Indra's thunderbolt. It was huge and capable of bearing all kinds of loads. It was always worshipped with perfume and garlands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥