Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.146.1-3h: संजय कहते हैं - हे राजन! उस समय अर्जुन द्वारा खींचे जा रहे गाण्डीव धनुष की अत्यन्त भयानक टंकार यमराज की गर्जना और इन्द्र के वज्र की गर्जना के समान सुनाई दे रही थी। उसे सुनकर आपकी सेना भय से व्याकुल हो गई और महान् आतंक में डूब गई। उस समय उसकी स्थिति उस समुद्र के जल के समान हो गई जो प्रलयकाल के तूफान से व्याकुल होकर प्रचण्ड तरंगों से भरा हुआ है, जिसमें मछली और मगरमच्छ आदि जलचर छिप जाते हैं। | mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय कहते हैं - हे राजन! उस समय अर्जुन द्वारा खींचे जा रहे गाण्डीव धनुष की अत्यन्त भयानक टंकार यमराज की गर्जना और इन्द्र के वज्र की गर्जना के समान सुनाई दे रही थी। उसे सुनकर आपकी सेना भय से व्याकुल हो गई और महान् आतंक में डूब गई। उस समय उसकी स्थिति उस समुद्र के जल के समान हो गई जो प्रलयकाल के तूफान से व्याकुल होकर प्रचण्ड तरंगों से भरा हुआ है, जिसमें मछली और मगरमच्छ आदि जलचर छिप जाते हैं।
Sanjaya says - O King! At that time, the extremely terrifying twang of the Gandiva bow being drawn by Arjuna was sounding like the distinct roar of Yamaraja and the rumbling of Indra's thunderbolt. On hearing it, your army was agitated with fear and fell into great panic. At that time, its condition became like the water of the ocean which is agitated by the storm of the time of doomsday and is filled with turbulent waves, in which aquatic animals like fish and crocodiles hide. 1-2 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥