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mahabharat 7.145.98: कौरव सेना को रथ, हाथी और पैदल सेना सहित बड़े वेग से आगे बढ़ते देख महाधनुर्धर योद्धा अर्जुन ने उनके समस्त अस्त्र-शस्त्र और प्राणों को नष्ट करके उनसे यमराज का राज्य बढ़ाया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  7.145.98 
स तानुदीर्णान् सरथान् सवारणान्
पदातिसङ्घांश्च महाधनुर्धर:।
विपन्नसर्वायुधजीवितान् रणे
चकार वीरो यमराष्ट्रवर्धनान्॥ ९८॥
 
 
अनुवाद
कौरव सेना को रथ, हाथी और पैदल सेना सहित बड़े वेग से आगे बढ़ते देख महाधनुर्धर योद्धा अर्जुन ने उनके समस्त अस्त्र-शस्त्र और प्राणों को नष्ट करके उनसे यमराज का राज्य बढ़ाया।
 
Seeing the Kaurava army advancing with great speed along with their chariots, elephants and infantry, the great archer warrior Arjuna destroyed all their weapons and lives and made them increase the kingdom of Yamaraja.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि संकुलयुद्धे पञ्चचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १४५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ पैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४५॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)