Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.94: आकाश में बहुत-सी उल्काएँ चमकने लगीं और मांसाहारी पक्षी योद्धाओं के मृत शरीरों पर गिरने लगे, क्योंकि उस समय मुकुटधारी और क्रोध में भरे हुए अर्जुन पीली डोरी वाले गाण्डीव धनुष से शत्रुओं का संहार कर रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आकाश में बहुत-सी उल्काएँ चमकने लगीं और मांसाहारी पक्षी योद्धाओं के मृत शरीरों पर गिरने लगे, क्योंकि उस समय मुकुटधारी और क्रोध में भरे हुए अर्जुन पीली डोरी वाले गाण्डीव धनुष से शत्रुओं का संहार कर रहे थे।
Many meteors blazed up in the sky and carnivorous birds began falling on the dead bodies of the warriors, because at that time Arjuna, crowned and filled with rage, was killing the enemies with the Gandiva bow having a yellow string.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥