Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.88-89: इसी प्रकार कुन्तीपुत्र अर्जुन ने भी उसे बाणों से घायल करके उसका बदला लिया। अर्जुन ने द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को चौसठ बाणों से, मद्रराज शल्य को सौ बाणों से, सिन्धुराज जयद्रथ को दस बाणों से, वृषसेन को तीन बाणों से तथा कृपाचार्य को बीस बाणों से घायल करके सिंहनाद किया। 88-89॥ | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार कुन्तीपुत्र अर्जुन ने भी उसे बाणों से घायल करके उसका बदला लिया। अर्जुन ने द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को चौसठ बाणों से, मद्रराज शल्य को सौ बाणों से, सिन्धुराज जयद्रथ को दस बाणों से, वृषसेन को तीन बाणों से तथा कृपाचार्य को बीस बाणों से घायल करके सिंहनाद किया। 88-89॥
Similarly, Kunti's son Arjun also took revenge by piercing him with arrows. Arjuna gave lion's cry by wounding Drona's son Ashwatthama with sixty-four arrows, Madra king Shalya with a hundred, Sindhu king Jayadratha with ten, Vrishasena with three and Kripacharya with twenty arrows. 88-89॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥