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mahabharat 7.145.87: महाराज! तब सिन्धुराज ने चार बाणों से श्रीकृष्ण और अर्जुन को तथा सात बाणों से वृषसेन को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  7.145.87 
चतुर्भि: सिन्धुराजश्च वृषसेनश्च सप्तभि:।
पृथक् पृथङ् महाराज विव्यधु: कृष्णपाण्डवौ॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तब सिन्धुराज ने चार बाणों से श्रीकृष्ण और अर्जुन को तथा सात बाणों से वृषसेन को घायल कर दिया।
 
Maharaj! Then Sindhuraj injured Shri Krishna and Arjun with four arrows and Vrishasena with seven arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)