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mahabharat 7.145.81-82: राजन! उसी समय कर्ण का पराक्रम देखकर श्वेत घोड़े पर सवार अर्जुन ने कर्ण के चारों घोड़ों को कानों तक खींचे हुए चार बाण मारकर प्रेतलोक में भेज दिया और भाले से मारकर उसके सारथि को रथ के आसन से नीचे गिरा दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 81-82
 
 
श्लोक  7.145.81-82 
एतस्मिन्नन्तरे राजन् दृष्ट्वा कर्णस्य विक्रमम्।
आकर्णमुक्तैरिषुभि: कर्णस्य चतुरो हयान्॥ ८१॥
अनयत् प्रेतलोकाय चतुर्भि: श्वेतवाहन:।
सारथिं चास्य भल्लेन रथनीडादपातयत्॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
राजन! उसी समय कर्ण का पराक्रम देखकर श्वेत घोड़े पर सवार अर्जुन ने कर्ण के चारों घोड़ों को कानों तक खींचे हुए चार बाण मारकर प्रेतलोक में भेज दिया और भाले से मारकर उसके सारथि को रथ के आसन से नीचे गिरा दिया।
 
King! At that very moment, seeing Karna's prowess, Arjuna, riding a white horse, sent all the four horses of Karna to the ghost world by shooting four arrows that were pulled out till their ears and by hitting him with a spear, he threw his charioteer down from the seat of the chariot. 81-82.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)