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mahabharat 7.145.75: वे दोनों महाबली योद्धा दो बैलों के समान गर्जना करते हुए अपने सीधे बाणों से आकाश को ढकने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  7.145.75 
तौ वृषाविव नर्दन्तौ नरसिंहौ महारथौ।
सायकैस्तु प्रतिच्छन्नं चक्रतु: खमजिह्मगै:॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों महाबली योद्धा दो बैलों के समान गर्जना करते हुए अपने सीधे बाणों से आकाश को ढकने लगे।
 
Those two mighty warriors, roaring like two bulls, began covering the sky with their straight arrows. 75.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)